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कठोर तप और यज्ञ से ऋषि वाल्मीकि बने थे महर्षि: ढांडा

कठोर तप और यज्ञ से ऋषि वाल्मीकि बने थे महर्षि: ढांडा
: समाज द्वारा रखी गई मांगों को पूरा करने का दिया भरोसा, स्वैच्छिक कोष से दिए 21 लाख रुपए।
• जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक हो समाज।
रवि जैस्ट की रिपोर्ट
कैथल/कलायत: महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि कठोर तप एवं यज्ञ से ऋषि वाल्मीकि महर्षि बने। उन्होंने महाकाव्य रामायण के माध्यम से समाज में सभी रिश्तों को निभाने एवं समाज को सशक्त बनाने का जो सन्देश दिया है, उस पर चलकर हमें राम राज्य स्थापना का संकल्प पूरा करना है। उन्होंने समाज के एक-एक नागरिक से आह्वान किया कि वो सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का लाभ लें तथा अपने आसपास के लोगों को इसके लिए जागरूक भी करें, तभी हमसब मिलकर समाज का उत्थान कर पाएंगे, जो खुद महर्षि वाल्मीकि जी भी चाहते थे।

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मंगलवार को भगवान वाल्मीकि धर्मशाला परिसर में भगवान वाल्मीकि धर्म सभा द्वारा आयोजित महर्षि वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम में राज्यमन्त्री कमलेश ढांडा मुख्यातिथि के तौर पर पहुंची थी। भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित करने उपरांत उन्होंने जयंती कार्यक्रम को संबोधित तथा समाज द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों को पूरा करने का भरोसा देने के साथ-साथ 21 लाख रुपए अपने स्वैच्छिक कोष से दिए।

अपने संबोधन में महिला एवं बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों, संतों और महान पुरुषों का देश है और भारत की भूमि पर अनेक महावीर एवं पराक्रमियों ने जन्म लेकर इस धरा का गौरव बढाया है। इस धरती से शिक्षा ज्ञान का ब्रह्मांड में जो विस्तार हुआ है, वह हमारे लिए गौरव का विषय है।वहीं आदिकाल से ही भारत भूमि पर ऐसे-ऐसे महाकाव्यों और ग्रंथों की रचना हुई है। इनके बराबर में पूरे विश्व में रचनाएं नहीं हुई।

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उन्होंने कहा कि समाज को धर्म मार्ग पर आगे बढाने और समाज को मजबूत बनाने की विचारधारा की अगुवाई करने वाले महर्षि वाल्मीकि जी के जयंती कार्यक्रम को लेकर उत्साह है। परम पिता ब्रह्मा की प्रेरणा और आशीर्वाद प्राप्त करके वाल्मीकि ऋषि द्वारा महाकाव्य रामायण की रचना की गई थी।

वैदिक काल के दौरान कठोर तप और यज्ञ करके महर्षि उपाधि प्राप्त करने वाले वाल्मीकि आदिकवि थे। उनका जीवन मजबूत इच्छाशक्ति और अटल निश्चय से भरा हुआ है। जीवन में बदलाव का जितना बडा उदाहरण उन्होंने समाज के सामने प्रस्तुत किया है, वह अनुकरणीय है।

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राज्यमन्त्री कमलेश ढांडा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वो, उस सरकार का हिस्सा हैं, जिसमें महापुरूषों की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उनकी जयंतियों को राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मनाती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय के समाज के अंतिम छोर पर अंतिम पंक्ति में मौजूद जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिले, इसकी चिंता हमारी सरकार द्वारा बीते सात वर्षों से की जा रही है। हम सभी ने यह महसूस भी किया है कि वंचित लोगों अथवा परिवारों को उनकी योजनाओं का लाभ मिलना कितना मुश्किल होता था।लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से प्रदेश में सभी पात्र लोगों को उनके खाते में राशि, उनके घर तक राशन एवं अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार योजना के तहत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संकल्प लिया है कि 50 हजार रूपए राशि पूरे साल में भी नहीं कमा पा रहे नागरिकों के उत्थान के लिए काम करेंगे। इसके लिए इस वर्ग को एक लाख 80 हजार रूपए सालाना तक पहुंचाने के लिए परिवार पहचान पत्र के माध्यम से ऐसे परिवार एवं लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार संकल्पबद्ध है, हर गरीब की भलाई और उत्थान के लिए। जितनी योजनाएं वर्तमान की केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा आमजन हित, विशेष कर वंचितों के उत्थान के लिए शुरू की गई हैं, उतना पहले कभी प्रयास नहीं हुआ।

इस अवसर पर हरियाणा सफाई आयोग सदस्य चन्द्र प्रकाश, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कर्ण प्रताप बेदी, प्रधान बलजीत सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि राजू कौशिक, वाइस चेयरपर्सन प्रतिनिधि धर्मपाल धीमान, बलदेव वाल्मीकि, शिवकुमार सिसला, अजय राणा, भाजपा किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष संजीव राणा, मंडल अध्यक्ष महिपाल राणा, संजय सिंगला, बीडी बंसल, सुशील शर्मा, सुरेश वाल्मीकि, सतीश धीमान, नरेश सजूमा, सतपाल बेदी, नवीन, सुनील समेत बड़ी संख्या में मौजिज लोग मौजूद रहे।

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